बुलंदशहर नुमाइश में सजी काव्य की महफिल:हरिओम पंवार ने जगाया देशभक्ति का जज्बा,शम्भू शिखर ने हंसाया...TV Newsकल तक

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Repoter Kadeem Rajput TV Newsकल तक

April 04, 2026

बुलंदशहर नुमाइश में सजी काव्य की महफिल:हरिओम पंवार ने जगाया देशभक्ति का जज्बा,शम्भू शिखर ने हंसाया...TV Newsकल तक

बुलंदशहर में जिला प्रदर्शनी (नुमाइश) के तहत आयोजित कवि सम्मेलन में देश के ख्याति प्राप्त कवियों ने अपनी ओजपूर्ण, हास्य और भावपूर्ण कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में काव्य की सरिता बहती रही और पंडाल में मौजूद श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से कवियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध कवि शम्भू शिखर ने अपनी हास्य-व्यंग्य से भरपूर रचनाओं के जरिए समाज की विसंगतियों पर तीखा लेकिन मनोरंजक प्रहार किया। उनकी प्रस्तुति पर श्रोता लगातार ठहाके लगाते रहे। उनकी पंक्तियां, “हंसते-हंसते सच कह देना ही मेरा अंदाज है” सुनते ही पूरा पंडाल तालियों और ठहाकों से गूंज उठा।

*हरिओम पंवार की कविता पर गूंजे भारत माता के जयकारे*

ओज के प्रखर कवि डॉ. हरिओम पंवार ने मंच से देशभक्ति से ओत-प्रोत कविता सुनाकर माहौल को ऊर्जा से भर दिया। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति ने श्रोताओं में राष्ट्रभक्ति का जज्बा जगा दिया। जब उन्होंने कहा- “जो देश के काम न आए, वो जीवन किस काम का” तो पूरा पंडाल ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा।

Published on April 04, 2026 by Repoter Kadeem Rajput TV Newsकल तक
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